Thursday, January 18, 2018

Insane In Each Other

 you slip through my fingers
 you tickle my feet
whisper in my ear
humming a song so sweet
kiss me and i descend into you
let no one invade our beds,
our private heaven
spilling,shredding
unraveling piece by piece
lets runaway,becoming a mystery
i turn phases through the night
close my shutters to get rid of the light
our world,a glittering dynamite
now don't walk away
now its too late
my skin imprinted with your timeless tales
my eyes echoing your untold stories

please stay even when i'm in a bad mood
or you know struck in between
clear the fogginess,unmess me


fingertips tracing a long lost country
my solace lies in you
sweet nothings,
hearts entangled
souls still beating


they call us mad,
insane i'm in you
insane your in me
melting in this aura
when the world's busy chasing destiny
disappearing,this waning moon
slow and steady



Tuesday, January 16, 2018

What If

what if the sun changed phases?
what if the moon never shone?
what if i'd breathe and suffocate?
what if paper tore through my core?
what if my tears wiped out the thirst of the world?
what if my fears turned into my friends,love became my foe?
what if my heart  split into two and still beat?
what if the noises were left unheard?
what if i saw sinners weep?
what if i never exist?
what if love happened?
what if there were no what if's?

would you still find me somewhere
lying in exile
searching for what if's.....



Monday, January 15, 2018

Tum Kyun Nahi Bolti

अरमानो की नदी को बहने से क्यों रोक लेती हो ?
विचलित मन को चाबुक से मार क्यों टोक देती हो ?
कुछ उलझने है अनसुलझी सी क्यों नहीं कुछ बोल देती हो ?
बात को बात बनाकर क्यों टाल  देती हो ?
वक़्त बिताने के लिए चाय बना लेती हो
दूर जाने के हज़ार बहाने भांप लेती हो
 क्यों नहीं कुछ बोल देती हो ?
लभ तक आ चुके राज़ पर क्यों ताले लगा देती हो ?
शिकायत है कोई तो क्यों शिकवा नहीं करती हो ?
 क्यों नहीं कुछ बोल देती हो ?
ख्याल आता है जब माज़ी का तो तुम कैसे सेहम जाती हो
चट्टानों से तकराकर तुम हारी हुई लेहरो सी क्यों टूट जाती हो ?
मै पढ़ना चाहता हु तम्हे ,तुम क्यों इस बंध किताब को नहीं खोल पाती हो ?
 क्यों नहीं कुछ बोल देती हो ?
बेवफाई का हो चुकी हो शिकार इसलिए दिल तोड़ देती हो
नज़दीकयों से खुद को परे रख कर ,इसलिए खुद हे छोड़ देती हो
 क्यों नहीं कुछ बोल देती हो ?












Saturday, January 13, 2018

Leh Chale Mujhe Wahan

ले चल मुझे वहाँ
खुली सड़के
खुली हवा हो जहाँ
ले चल मुझे वहाँ
तंग हूँ गलियां
कूँचे से लदे घर हो जहाँ
छत पर नंगे पांव हो इश्क़ का शामियाना
ले चल मुझे वहाँ
पैसे की हो तंगी
जेब में हो मंदी
पर दिल हूँ बड़े वहां
ले चल मुझे वहाँ
सजा हो बाज़ार
रौनके हूँ हज़ार
खुशियों की हो बहार जहाँ
ले चल मुझे वहाँ
हकीकत  सपने की तरह
 बस्ता हो खुदा जहाँ
ले चल मुझे वहाँ





Jin Din Hum Mile

जिस दिन हम मिले
आतिशों से चमकेगा ये आसमान
फूटेगा मस्तियों का झरना
रोशन होंगे भुजे हुए चिराग
नज़ारा होगा वो बा-कमाल
जिस दिन हम मिले
आएगी मेरी जान में जान
कलियाँ खुशियों से खिलेंगे
नज़रें शर्म ओह हया की पर्दो में मिलेंगी
चाहते टूटकर बिखरने लगेंगी
बेचैनी धड़कनो की बढ़ने लगेंगी
जिस दिन हम मिले
दरमियान थी जो दीवारे सब गिरने लगेंगी
होश में बेहोशी सा मज़ा आएगा
गला मेरा सुख जायेगा
जिस दिन हम मिले
थम जायेगा वक़्त वही पर
लापता होंगे हम कही पर
जिस दिन हम मिले
तुमको पाकर खुद को खोऊँगा
सीने से लगाकर रज के रोऊँगा



Thursday, January 11, 2018

Yaad Teri Nahi Aayi

टूटी हुई चुडिओयों से जुड़ती है कलाई
पुराने हुए दुपट्टे पर करती है सिलाई
दिलबर से बेवजह से हे करती है लड़ाई
उधेड़ दी है उसने रिश्तो तुरपाई
सिसकती हुयी सुर्ख नींदो में रात उसने है बिताई
रेशमी रुमाल पर करती तेरे नाम की कड़ाई
सख्त मुकदर पर नरम चाहते की है बुनाई
खली से खवाब खुली आँखों से देख आयी
इश्क़ की पौड़ी पर करती है चढाई
टाल देती है कहकर की याद तेरी कभी नहीं आयी


Tuesday, January 9, 2018

Tum Bolo

खोलकर दिल के दरवाज़े ज़रा राज़ तुम बोलो
ज़िद्द करे जो ये पलकों की खिड़कियां जबरन इन्हे खोलो
सह चुके हो कितना अब तो इस छुपी से ताले हो तोड़ो
उलझनों में मत उलझो,नाकामियों से न मुँह मोड़ो
शब्दों को तुम बाण बनाकर वाणी के धनुष पर छोडो
कुछ ठीक है ,कुछ ठीक नहीं है,गलत है या सही,इतना खुद को मत तोलो
कम ांकिते है वो तुमको,उनके व्यर्थ वचनो को मत भूलो
अब हो चुकी है बहुत देर,तुम शोर मचाओ,
चीखो चिल्लाओ,मत गभराओ
गुंगु की आवाज़ बनो ऊँचे स्वर में
इस अंधेर नगर में
हल्ला  बोलो