ठुमक -ठुमक चालत रघुराई
मंद -मंद कोसल मुस्काई
गिरत -परत -उठत रघुनन्दन
कनक पालिका में भाव भंजन
पवन देव झूला झुलाये।
खनक -खनक पायलिया बाजे
हर रंग शोभे -सुन्दर -साजे
किलकारी से जग खिल जाए
तेज पर हारे त्रिपुरारी
उमा जाए बल -बल बलहारी
देव लोक फूलन बरसाए।
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