Saturday, June 29, 2019

Akela

पुराने कुर्ते सा फट गया हु
बिन कैंची के ही कट गया हु
देखो  ना कितना अकेला पड़ गया हु
हसकर रो गया हु
ज़िक्र होते हे तेरा खो गया हु
देखो  ना कितना अकेला पड़ गया हु
साँस ले रहा हु मगर मर गया हु
सुकून है अंधेरो में ,रोशिनियो  से कुछ दर गया हु
देखो  ना कितना अकेला पड़ गया हु
ये आपा-धापी में फस गया हु
टूटे हुए घर सा बस गया हु
देखो  ना कितना अकेला पड़ गया हु
तेरी यादो में थक गया हु
जगरातों में पक गया हु
देखो  ना कितना अकेला पड़ गया हु
की जब तन्हाई भी साथ मेरा छोड़ गयी है
परछाई मझसे मुँह मोड़ गयी है

मैले पानी सा सड़ गया हु
करो कुछ तो रेहम आखिर कितना अकेला पड़ गया हु



Sunday, May 12, 2019

Ma...

उमीदे उसकी मेरी हथेलियों में साँस लेती है
बिखरने लगता हूँ जब वो मुझे बांध लेती है
लड़खड़ाते है जो कदम वो मुझे संभाल  लेती है
टूटने नहीं देती वो रहती है सहारा बनकर
अल्हड नदी सा बेहता हु मै ,वो थाम लेती है किनारा बनकर

लम्हो की सियासतों में धक्के खा रहा हु
मुझे माफ़ करना माँ  की तुझे वक़्त नहीं दे पा रहा हु। ...

Thursday, March 21, 2019

The Less I Speak

The less i speak,
the more i hear
the less i speak
the less i explain
the less i speak
the more it pains
let it pain
let it be
the less i speak
the more you read
my eyes,narrating untold tales
witness me burn
breaking down,shattering into salinity
the less i speak
the more i see,clearly

Tuesday, March 12, 2019

Waqt ki Baat


ये जो मुझे छूकर गुज़रा
ये गुज़रा हुआ वक़्त है
चार कदम क्या चला मै
मेरी पहुँच से आगे तैनात मेरा वक़्त है
जिसे छोड़कर आया था मैं  पीछे कही
वो साथ है अब भी ,केसा गजब वक़्त है
सितम देख तू ,बेगुनाह पर है इलज़ाम सभी
मत पूछ कितना बुरा वक़्त है
शौहरते हूँ मुबारक मुझे
ये मेरा वक़्त  है

Thursday, February 14, 2019

Prayas Karke Baitha hai...

जिस राह की है मंज़िल तू 
उसे तीर्थ धाम कर के बैठा है 
याद रहे तू हमेशा ही ,हरदम 
खुद को ये काम देकर बैठा है 
इबादते है बेकार उसके लिए 
तुझे जाप्ता है ,तेरा नाम रटकर बैठा है 
तेरे इम्तहान की है कदर उसे 
जो आस पर बैठा है 
लालम लाल है नज़रे उसकी 
जो नींदे हराम कर के बैठा है 
जान छिड़कती है हज़ारो उसकी हैसियत पे 
एक वो है जो तुझ पर मर बैठा है 
दैयारों का मौहताज नहीं वो 
जो अपनी हद लांग बैठा है 
खुद खुदा भी है शर्मिंदा 
जो हर दुआ में तुझे मांग बैठा है 
कोई कसार नहीं है बाकी 
वो जो प्रयास कर के बैठा है 

Thursday, November 1, 2018

Garbage Bin

The garbage bin
In the street
Cornered and forever stinking
Uplifting a rotten community
The dogs come sniffin,patrollin
Cats wait in
In place,for an easy prey
Perfectly hiding
But the most interesting member of this society
Rats!,dirty,disgusting
Rats! scurrying and scanting
So many rats scrowling in deep
Reaching for the gold in ditch
They all appear the same,
One could go insane
While counting
Some were conceived
Some are breeding
They keep the bin's in check
One day,someone might empty it

What will happen to this tinking community?
Residing,under covered,
Away from the human reach
Breeding in the cornered street
I Wonder


Saturday, September 8, 2018

Aao Milkar Deep Jalaye

आओ मिलकर दीप जलाये
षंडयंत्री आभाओं को मिटाए
डर को हिम्मत से डराए
आओ मिलकर दीप  जलाये
साम दाम दंड भेद को हटाए
मेहनत और जुनूनीयत के हथकंडे अपनाये
आओ मिलकर दीप जलाये
विवादों के चक्रायु में घिरे सभी है
भेद कर नकरात्मक विचारो को विजय का बिगुल बजाये
आओ मिलकर दीप जलाये
प्रभाव से बैर यूँही बड़ते जा रहे है
पी कर मधुशाला का प्याला एकता की होली मनाये
आओ मिलकर दीप जलाये