Sunday, January 31, 2021

Kisan

 मैंने हसीन मंज़र  देखा

हल जोतते हाथों  में  ख़ंज़र देखा


ये इश्क है की उन्हें खुद के लिए लड़ते देखा

निहत्थी सरकारो को डरते देखा

मैंने हसीन मंज़र देखा 


आखिर वक्त है इंसानियत का मैंने दया को मरते देखा 

चिंगारी को आग में बदलते देखा 

मैंने हसीन मंज़र देखा


बेशर्मी से जो हो रहा है उसे होते हुए देखा 

आराम छोड़कर सड़को पर सोते देखा

मैंने हसीन मंज़र देखा

Sunday, January 24, 2021

Nazm

 आज़ादी की खातिर 

हुक्म टालना पड़ता है 

 

कल मनमरज़ी करने के लिए 

आज मन को मारना पड़ता है 


बाज़ी इश्क की जीत 

के हर बार हारना पड़ता है 


खुद का खुद में कुछ ना रहे कुछ 

खुद को उसपर वारना पड़ता है 


Saturday, January 16, 2021

Nazm

 पत्थर है वो 

आदत है  मेरी बहने की 


दिल ही काफी है 

ओकात नहीं महलों में रहने की


निकाह कर बैठा हुं तेरी रूह से 

हिम्मत नहीं है कहने की


बेहद हो गए हैं सितम उसके

मेरी भी ज़िद्द है सह